डेढ़ महीने से जम्मू संभाग अशांत है। वर्ष 2008 के बाद एक बार फिर लगातार आतंकी वारदातों से लोग डरे और चिंतित हैं। पिछले 46 दिन से सात आतंकी वारदातों में 11 सैन्य जवान बलिदान हो चुके हैं और 10 आम नागरिकों की मौत हो गई। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अब इस पर निर्णायक रणनीति का समय आ चुका है। हर बार आतंकी हमला कर गायब हो गए। इन आतंकियों की जंगलों में अब भी मौजूदगी लोगों को परेशान कर रही है।
पाकिस्तान की बदली साजिश केरन, गुरेज और उड़ी सेक्टर में हाल ही में घुसपैठ के प्रयास पाकिस्तान की गहरी साजिश को उजागर करते है। पाकिस्तान अत्याधुनिक अमेरिकी और ऑस्ट्रियाई हथियारों से लैस अफगान युद्ध-प्रशिक्षित आतंकवादियों को कश्मीर घाटी में भेजकर हिंसा को बढ़ाना चाहता है। आतंकियों के पास आस्ट्रिया, अमेरिका, चीन, जर्मनी के हथियार हैं। इनके पास नाइट विजन वाले स्नाइपर राइफल हैं। -एसपी बैद, पूर्व डीजीपी