‘किसी धर्म को ना पहुंचे नुकसान…’, बांग्लादेश में चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी पर क्या बोलीं सीएम ममता?

CM Mamata
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बांग्लादेश में इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के लोग सड़कों पर हैं और वह संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं। इस घटना के बाद पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ अन्य अल्पसंख्यों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इस बीच पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बांग्लादेश मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि हम नहीं चाहते कि किसी भी धर्म को नुकसान पहुंचे। मैंने यहां (कोलकाता) इस्कॉन से बात की है। चूंकि यह दूसरे देश का मामला है, इसलिए केंद्र सरकार को इस पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। हम इस मुद्दे पर उनके (केंद्र सरकार) साथ हैं।

बता दें कि बांग्लादेश में विगत सोमवार शाम को इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्ण दास को गिरफ्तार कर लिया गया। हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच (डीबी) ने उनको हिरासत में लिया। मंगलवार को उनको कड़ी सुरक्षा के बीट चटगांव के छठे मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट काजी शरीफुल इस्लाम के सामने पेश किया था। हालांकि, उनकी जमानत याचिका को खारिज कर के उनको जेल भेज दिया गया है।

बता दें कि बांग्लादेश में इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद इस्कॉन-कोलकाता के उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता राधारमण दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा, “बांग्लादेश में शिबचर स्थित इस्कॉन नमहट्टा केंद्र को मुस्लिमों ने जबरन बंद कर दिया है। सेना आई और इस्कॉन श्रद्धालुओं को एक वाहन में भरकर ले गई।”

इसी के साथ उन्होंने एक वीडियो को भी पोस्ट किया। शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि स्थानीय इस्लामी समूह के नेता शिबचर में इस्कॉन केंद्र को बंद करने की मांग कर रहे हैं। इस वीडियो के साथ इस्कॉन-कोलकाता के उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता राधारमण दास ने दावा किया कि कुछ लोग इस अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक संस्था के संस्थापक की तस्वीर वाले इस्कॉन मंदिर के बोर्ड को हटाने में लगे हुए हैं।

बता दें कि बांग्लादेश नेशनल हिंदू ग्रांड अलायंस के महासचिव मृत्युंजय कुमार राय ने देश में इस्कॉन पर प्रतिबंध की मांग की कड़ी निंदा की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह हिंदू संगठन प्रकृति से शांतिपूर्ण है। यह संस्था वैश्विक स्तर पर कृष्ण की बात करती है। वहीं, इस्कॉन गरीबों के कल्याण के लिए काम करता है।

 

बता दें कि इससे पहले इस्कॉन ने सरकार से सनातनी समुदाय के लिए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने का आग्रह किया और तीन मांगें रखीं। इस मांग में कहा गया था कि सनातनी समुदाय के लोगों पर हमला ना हो। वहीं, जो भी लोग हमले के लिए जिम्मेदार हैं उनकी पहचान की जाए। चिन्मय कृष्ण दास व अन्य सनातनियों के नागरिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग भी की गई थी।

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