Alka Yagnik Birthday: 31 सालों से पति से अलग रह रहीं अलका याग्निक, विरासत में मिली गायकी

Alka Yagnik Birthday
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Alka Yagnik 

Alka Yagnik Birthday: गायक अलका याग्निक की लव लाइफ काफी फिल्मी है। वह 31 सालों से अपने पति से दूर रह रही हैं। अलका ने 6 साल की उम्र में गाना शुरू किया। उन्हें कई अवॉर्ड मिले।

अलका याग्निक किसी पहचान की मोहताज नहीं। अलका याग्निक की मकबूलियत का आलम ये है कि लोग उन्हें बिना देखे ही उनकी आवाज से पहचान लेते हैं। उन्होंने बॉलीवुड को कई बेहतरीन गाने दिए हैं। अलका याग्निक प्रोफेशनल के साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। आइए जानते हैं उनकी निजी जिंदगी के बारे में।

1989 में अलका ने की थी शादी
अपनी सुरीली आवाज से दुनिया पर राज करने वाली अलका याग्निक का करियर 90 के दशक में शुरू हुआ था। उन्होंने हिंदी फिल्मों को बेशुमार गाने दिए। अलका याग्निक की लव लाइफ काफी फिल्मी है। अलका याग्निक ने कारोबारी नीरज कपूर से साल 1989 में से शादी की थी। दोनों से एक बेटी है जिसका नाम सायशा कपूर है। साल 2024 में बेटी ने सुनने की क्षमता खो दी।

31 साल से पति से दूर रहती हैं अलका
अलका याग्निक और उनके पति नीरज पिछले 31 सालों से अलग रह रहे हैं और लॉन्ग डिस्टेंस मैरिज निभा रहे हैं। उनके पति नीरज का कारोबार शिलॉन्ग बेस्ड है। इसलिए दोनों एक दूसरे से अलग रह हैं। शादी के बाद ही नीरज ने अपना बेस मुंबई शिफ्ट कर लिया था, लेकिन यहां उन्हें काफी नुकसान हुआ। इसके बाद अलका याग्निक ने नीरज को शिलॉन्ग शिफ्ट होने के लिए कहा। ऐसे में दोनों एक दूसरे से अलग रहते हुए रिश्ता निभा रहे हैं।

छह साल की उम्र में गाना शुरू किया
अलका याग्निक आज के दिन यानी 20 मार्च 1966 को गुजराती परिवार में कोलकाता में पैदा हुईं। उनके पिता का नाम धर्मेंद्र सिकंदर है। उनकी मां शुभा भारतीय शास्त्रीय संगीत की गायिका थीं। साल 1972 में अलका याग्निक ने छह साल की उम्र में कलकत्ता में आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) के लिए गाना शुरू किया। 10 साल की उम्र में उनकी मां उन्हें चाइल्ड सिंगर के तौर पर मुंबई लेकर आईं। उनसे कहा गया कि वह बेटी की आवाज परपक्व होने तक रुकें।

सीधे गयाकी में हुई लांच
इसके बाद अलका याग्निक को कोलकाता के एक जानकार से राज कपूर का परिचय मिला। राज कपूर ने अलका याग्निक की आवाज सुनी और उन्हें संगीत निर्देशक लक्ष्मीकांत शांताराम कुडालकर के पास भेजा। लक्ष्मीकांत याग्निक की आवाज से बहुत खुश हुए। उन्होंने अलका याग्निक को दो विकल्प दिए। एक तो यह कि वह डबिंग में अभी से शुरुआत कर दें या फिर वह रुकें और सीधे एक गायक के तौर पर अपनी शुरूआत करें। अलका याग्निक की मां रुकीं। वह अपनी बेटी को एक गायक के तौर पर लांच करना चाहती थीं।

गाने के लिए मिला अवॉर्ड
अलका याग्निक ने सबसे पहले भजन गाना शुरू किया। साल 1980 में आई फिल्म ‘पायल की झनकार’ में पहला गाना गाया। अलका याग्निक ने ‘तेजाब’ फिल्म का ‘इक दो तीन’ गाना गाया। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ गायक के लिए ‘फिल्मफेयर अवॉर्ड’ मिला। इसके बाद अलका याग्निक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

 

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