UP: कैसे हुई थाना प्रभारी की मौत?… स्टाफ ने खोले राज, महिला सिपाही के लिए पिता और भाई ने संभाला मोर्चा

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जालौन के कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की मौत मामले में एसआईटी जांच में जुटी है। टीम ने कुठौंद थाने में स्टाफ से पूछताछ की है। उधर, महिला सिपाही मीनाक्षी से जेल में मिलने के लिए पिता और भाई पहुंचे। मीनाक्षी के पिता और भाई उरई के ही होटल में ठहरे हैं और वकीलों से लगातार बात कर रहे हैं।

यूपी के जालौन जिले के कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की गोली लगने से हुई मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी ने अब एसआईटी टीम में दो और लोगों को शामिल किया है। अब पांच सदस्यीय टीम पूरे मामले की जांच पड़ताल करेगी। टीम ने मंगलवार को कुठौंद थाने में स्टाफ से पूछताछ की।

कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की थाना परिसर स्थित अपने आवास में शुक्रवार को पिस्टल से गोली लगने से मौत हो गई थी। उनकी पत्नी माया की तहरीर पर पुलिस ने महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। यहां से उसे जेल भेज दिया गया था।

इंस्पेक्टर की मौत कैसे हुई। इसकी जांच करने के लिए एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। मंगलवार को टीम में दो सदस्यों को और शामिल किया गया है। इसमें एक महिला सिपाही भी शामिल है। अब पांच सदस्यीय टीम पूरे मामले की जांच पड़ताल करेगी।

सोमवार और मंगलवार को टीम के सदस्यों ने थाने के स्टाफ से पूछताछ की। अभी उनसे कई राउंड में पूछताछ की जाएगी। वहीं, आरोपी महिला सिपाही का कहना है कि जब वह थाना प्रभारी के आवास पर पहुंची थी तो वह लहूलुहान हालत में पड़े थे। एसआईटी पूरे मामले की जांच हर बिंदु पर कर रही है।

महिला सिपाही से जेल में मिलने पहुंचे पिता और भाई
कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत मामले में जेल भेजी गई नामजद आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा से मंगलवार को उसके परिजन मिलने पहुंचे। सुबह करीब 11 बजे मीनाक्षी के पिता और भाई जिला जेल पहुंचे, जहां मिलने की औपचारिकताओं के बाद दोनों को निर्धारित समय के लिए अंदर भेजा गया।

लगभग 20 मिनट चली मुलाकात में परिवार ने मीनाक्षी का हालचाल जाना और उसकी दिनचर्या के लिए आवश्यक सामान सौंपा। जेल परिसर में मीनाक्षी से मिलने पहुंचे परिजनों की मौजूदगी को लेकर दिनभर चर्चा बनी रही। मामले की गंभीरता और लगातार हो रहे नए खुलासों के चलते जेल प्रशासन भी सतर्क दिखाई दिया।

बताया जा रहा है कि मीनाक्षी के पिता और भाई फिलहाल उरई के ही एक होटल में ठहरे हुए हैं और कानूनी मोर्चे को मजबूत करने के लिए वकीलों से लगातार बैठकें कर रहे हैं। परिवार चाहता है कि जल्द से जल्द मीनाक्षी की जमानत याचिका दायर की जाए, ताकि उसे राहत मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल डिटेल, कॉल रिकॉर्ड और बयान अभी जांच के दायरे में हैं।

यह था मामला
यूपी के जालौन जिले के कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की शुक्रवार की रात थाना परिसर स्थित उनके आवास में संदिग्ध हालात में सर्विस रिवाल्वर से गोली चलने से मौत हो गई थी। घटना के दौरान एक महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को आवास से भागते हुए देखा गया था। दिवंगत इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने महिला सिपाही पर पति की हत्या का आरोप लगाया।

जानकारी के अनुसार, दिवंगत अरुण कुमार राय के आवास से शुक्रवार की रात लगभग नौ बजे गोली चलने की आवाज सुनाई दी थी। इस दौरान उनके कमरे से एक महिला सिपाही चिल्लाते हुए बाहर आई और बोली की थाना प्रभारी ने गोली मार ली। कर्मचारी जब मौके पर पहुंचे तो खून से लथपथ अरुण कुमार राय चारपाई पर मच्छरदानी के अंदर पड़े थे।

घटना से थाने में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन पुलिसकर्मी उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सनसनीखेज घटना की जानकारी पर एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार व डीएम राजेश कुमार पांडे थाने पहुंचे और फोरेंसिक टीम ने जांच की। जानकारी पर परिजनों के साथ पहुंची उनकी पत्नी ने महिला सिपाही पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी।

संतकबीरनगर के मूल निवासी थे इंस्पेक्टर
45 वर्षीय अरुण राय संतकबीरनगर के घनघटा थाना क्षेत्र के रजौली गांव के मूल निवासी थे। लंबे समय से उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवा दे रहे थे और वर्तमान में उरई जनपद के कुठौंद थाने के प्रभारी निरीक्षक थे।

पड़ोसियों के अनुसार, अरुण राय मिलनसार और शांत स्वभाव के अधिकारी थे, ऐसे में उनकी रहस्मय तरीके से मौत की खबर किसी को भी समझ नहीं आ रही है। मोहल्ले वाले सोशल मीडिया पर चल रहे आरोपों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी करते नजर आए।

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