
यूपी के मुजफ्फरनगर की वसुंधरा रेजीडेंसी में दर्दनाक हादसा हुआ है। रसोई गैस के दो सिलिंडर में धमाका हो गया। धमाके में मां-भाई समेत कानूनगो की मौत हो गई। घर में आग लगने से उठे धुएं में दम घुटने से तीनों की मौत होने की आशंका है। हादसे के वक्त कानूनगो अमित की पत्नी और दो बेटियां कुत्ता घुमाने गई थीं।
मुजफ्फरनगर की नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की वसुंधरा रेजीडेंसी के एक मकान में रसोई गैस के दो सिलिंडर में धमाके के साथ आग लग गई। जलने और दम घुटने से देवबंद तहसील के कानूनगो अमित गौड़ (47) उनके भाई नितिन गौड़ (45) और मां सुशीला (70) की मौत हो गई।
बचाव के लिए पहुंचे पड़ोसी आदित्य राणा आग की चपेट में आकर झुलस गए। हादसे के समय कानूनगो की पत्नी और बेटी घर पर नहीं थे। माना जा रहा है कि आग से झुलसने और दम घुटने से तीनों की मौत हुई है। पड़ोसी आदित्य राणा को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
कानूनगो अमित गौड़ की तैनाती सहारनपुर की देवबंद तहसील में थी। करीब दो महीने से वह परिवार के साथ मुजफ्फरनगर की वसुंधरा रेजीडेंसी में कुटबा निवासी अरविंद कुमार के मकान के द्वितीय तल पर किराये पर रह रहे थे।
सोमवार की शाम अमित अपने भाई नितिन के साथ ठंड से राहत पाने के लिए अंगीठी जलाकर एक कमरे में बैठे थे। दूसरे कमरे में मां सुशीला टीवी देख रही थीं। इस दौरान धमाके के साथ घर में आग लग गई।
पत्नी और बेटियां कुत्ते को घुमाने गई थीं
अमित की पत्नी ऋचा और बेटी अक्षिका (21) व आराध्या (14) पालतू कुत्ते को लेकर कॉलोनी में घुमाने के लिए चली गईं। कुछ देर बाद मकान से धुआं निकलता देख पड़ोसियों ने मोबाइल के जरिए उन्हें जानकारी दी। ऋचा और उनकी बेटियां वापस मकान की तरफ दौड़ीं लेकिन घर पहुंचने से पहले ही दो बार धमाका हुआ और भीषण आग लग गई।
घर में घुसने के प्रयास में ऋचा के हाथ में चोट लग गई। आसपास के लोगों ने उन्हें मकान से दूर हटाया। इस बीच आसपास के लोग एकत्र हो गए। दमकल विभाग की गाड़ियां और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आग पर नियंत्रण के बाद टीम ने मकान से तीन शवों को निकाला। एक कमरे में अमित और नितिन के शव थे जबकि दूसरे कमरे में मां सुशीला का शव मिला।
