
Bus Accident in Almora: अल्मोड़ा के भिकियासैंण में मंगलवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। निजी बस विनायक-भिकियासैंण मोटर मार्ग पर सिरकौन के पास अनियंत्रित होकर करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी। नौबाड़ा से रामनगर जा रही बस में सवार सात यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में चालक-परिचालक समेत 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
अल्मोड़ा के विनायक-भिकियासैंण मोटर मार्ग पर हुए दर्दनाक बस हादसे के पीछे सिर्फ एक चूक नहीं बल्कि सड़क और सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आ रही हैं। प्रारंभिक जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के कम से कम पांच बड़े कारण बताए जा रहे हैं जिन्होंने इस दुर्घटना को भयावह बना दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे वाली जगह पर सड़क पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। बस जैसे ही गड्ढे पर गई, चालक का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद स्थिति इसलिए और बिगड़ गई क्योंकि सड़क के किनारे सुरक्षा गार्डर (क्रैश बैरियर) नहीं थे।
घटना स्थल पर मौजूद स्थानीय निवासी दीपक रिखाड़ी ने बताया कि बस के गड्ढे में जाने के बाद बस का स्टेयरिंग सिस्टम फेल हो गया। बताया जा रहा है कि झटके के कारण स्टेयरिंग का नट गिर गया जिससे चालक चाहकर भी वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका और स्टेयरिंग नहीं कट पाई।
इसके अलावा जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां सड़क अत्यंत संकरी है और उसी बिंदु पर लगभग 45 डिग्री का अंधा मोड़ मौजूद है। मोड़ पर न तो पर्याप्त संकेतक लगे हैं और न ही सुरक्षा के अन्य इंतजाम जिससे हादसे की आशंका पहले से बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि वह लंबे समय से इस मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर प्रशासन को अवगत कराते रहे हैं लेकिन समय रहते सुधार नहीं किया गया। अब इस लापरवाही की कीमत लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
हादसे के बाद एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा, रखरखाव और परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
सिस्टम की लाचारी… फर्श पर गद्दे बिछा किया गया घायलों का इलाज
भीषण बस हादसे के बाद जब बड़ी संख्या में घायल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भिकियासैंण पहुंचे, तो अस्पताल की सीमित व्यवस्थाएं भी सामने आ गईं। सीएचसी में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य के कारण वार्ड पूरी तरह तैयार नहीं थे जिससे मजबूरन घायलों का उपचार फर्श पर गद्दे बिछाकर किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक साथ कई गंभीर और सामान्य घायल पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। उपलब्ध बेड कम पड़ने पर चिकित्सकों और स्टाफ ने तत्काल व्यवस्था करते हुए फर्श पर गद्दे बिछवाए और वहीं प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालात कठिन होने के बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने पूरी तत्परता से घायलों की देखभाल की।
घायल अवस्था में भी सड़क तक पहुंचे चालक
बस हादसे के बाद जहां हर ओर अफरा-तफरी का माहौल था, वहीं घायल अवस्था में भी चालक ने जिम्मेदारी और साहस का परिचय दिया। हादसे में घायल हुए बस चालक नवीन चंद्र तिवारी निवासी ओखलढुंगा, नैनीताल ने गंभीर चोटों के बावजूद हिम्मत जुटाई और खाई से निकलकर मुख्य सड़क तक पहुंचकर सहायता की गुहार लगाई। स्थानीय निवासी दीपक रिखाड़ी ने बताया कि हादसे के बाद बस चालक मुख्य सड़क पर पहुंचा। उसने यहां से गुजर रहे लोगों को हादसे की जानकारी दी।
अल्मोड़ा में सौ फीट गहरी खाई में गिरी बस, सात लोगों की मौत, 12 घायल
अल्मोड़ा के भिकियासैंण में मंगलवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। निजी बस विनायक-भिकियासैंण मोटर मार्ग पर सिरकौन के पास अनियंत्रित होकर करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी। नौबाड़ा से रामनगर जा रही बस में सवार सात यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में चालक-परिचालक समेत 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बस में 19 सवारियां थीं। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
मंगलवार को सुबह करीब 8.15 बजे बस संख्या यूके 07 पीए 4025 अनियंत्रित होकर सिरकौन बैंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भयानक था कि बस रक्षेश्वर मंदिर को जाने वाली कच्ची सड़क पर पहुंच गई। सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बस में सवार एक यात्री जितेंद्र रिखाड़ी ने फोन के माध्यम से अपने परिजनों को दुर्घटना की जानकारी दी। स्थानीय लोग तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और अपने स्तर से राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को रामनगर रेफर कर दिया गया। हादसे की जानकारी के बाद रानीखेत विधायक रानीखेत डॉ. प्रमोद नैनवाल और सल्ट विधायक महेश जीना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण पहुंचे। उन्होंने हादसे में घायल लोगों का हालचाल जाना। डीएम अंशुल सिंह, एसएसपी देवेंद्र पींचा और एसपी हरबंश सिंह भी मौके पर पहुंचे। डीएम का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
स्थानीय अस्पताल में हुआ पोस्टमार्टम
सड़क हादसे में मृत सात लोगों का रानीखेत उप जिला अस्पताल की टीम ने सीएचसी भिकियासैंण पहुंचकर मृतकों का पोस्टमार्टम किया। जिला प्रशासन ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है।
दो घायल ऋषिकेश एम्स रेफर
विनायक भिकियासैंण मोटर मार्ग पर सिरकौन के पास हुए बस हादसे में गंभीर दो घायल नंदा बल्लभ और हंसी देवी को हेली से रेस्क्यू कर ऋषिकेश एम्स पहुंचाया गया है।
मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख की राहत
डीएम अंशुल सिंह के आदेश पर मृतकों के आश्रितों को कुल 14 लाख रुपये (दो-दो लाख) की राहत राशि स्वीकृत की गई है। यह धनराशि तहसीलदार भिकियासैंण को आरटीजीएस के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। डीएम अंशुल सिंह ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।
