
बांग्लादेश में एक बार फिर दिल दहला देने वाली हिंसक वारदात सामने आई है। इस बार मामला शरियतपुर जिले के दामुद्या इलाके का है, जहां बुधवार रात एक शांत कारोबारी को इस तरह निशाना बनाया गया कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई। बाजार बंद कर रोज़ की तरह घर लौट रहे एक व्यवसायी पर बदमाशों ने पहले बेरहमी से हमला किया, फिर धारदार हथियार से गंभीर रूप से घायल किया और अंत में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की। यह वारदात न सिर्फ क्रूरता की हदें पार करती दिखी, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
घायल कारोबारी की पहचान 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास के रूप में हुई है। खोकन दास केनश्वर यूनियन के केउरभंगा बाजार में दवा और मोबाइल बैंकिंग का छोटा सा कारोबार चलाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह इलाके में एक शांत, मेहनती और मिलनसार व्यापारी के रूप में जाने जाते हैं। रोज़ की तरह बुधवार की रात भी वह अपनी दुकान बंद कर दिन भर की कमाई लेकर घर के लिए निकले थे। किसी को अंदेशा तक नहीं था कि यह रोज़मर्रा की यात्रा उनकी जिंदगी की सबसे खौफनाक रात में बदल जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे खोकन चंद्र दास एक सीएनजी ऑटो में सवार होकर घर लौट रहे थे। जैसे ही ऑटो दामुद्या-शरियतपुर रोड पर केउरभंगा बाजार के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बदमाशों ने ऑटो को जबरन रुकवा लिया। इसके बाद बिना किसी चेतावनी के उन्होंने खोकन दास पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से वह संभल भी नहीं पाए।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, बदमाशों ने सबसे पहले खोकन दास की बेरहमी से पिटाई की। जब वह ज़मीन पर गिर पड़े, तब उन पर धारदार हथियार से वार किए गए, जिससे उनके पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। यहीं तक हमलावर नहीं रुके। उन्होंने खोकन दास के सिर और शरीर पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। कुछ ही पलों में वह आग की लपटों में घिर गए। चीख-पुकार और जलते शरीर की भयावह तस्वीर ने आसपास मौजूद लोगों को दहला दिया।
