UP: पहले सिद्धि का गला घोंटा, 105 मिनट बाद रिद्धि का गला काटा; जुड़वां बेटियों के कत्ल में सामने आया ये कारण

Kanpur
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कानपुर में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पिता ने की जुड़वां बेटियों की निर्मम हत्या कर दी। हत्या की वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। पिता ने देर रात 1:50 बजे से 3:35 बजे के बीच दोनों बेटियों की हत्या की। शुरुआती जांच में टीवी देखने को लेकर विवाद सामने आया है।

कानपुर के किदवईनगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में एक ऐसी घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है, जिसने रिश्तों की गरिमा को तार-तार कर दिया। एक पिता ने अपनी ही 11 वर्षीय जुड़वां बेटियों, रिद्धि और सिद्धि, की बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना शनिवार देर रात को हुई। पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे और सीसीटीवी फुटेज ने इस हत्याकांड के पीछे की भयावहता को उजागर किया है।

रात का खाना और टीवी देखने का दौर
शनिवार की रात करीब 11 बजे हत्यारोपी शशिरंजन मिश्रा ने अपनी पत्नी रेशम, जुड़वां बेटियों रिद्धि-सिद्धि और बेटे रुद्रव के साथ खाना खाया। इसके बाद पूरा परिवार टीवी देखने लगा।

टीवी बंद करने को लेकर बढ़ा विवाद

कुछ देर बाद शशिरंजन ने परिवार को टीवी बंद कर सोने के लिए कहा। हालांकि, बेटियों ने कार्टून सीरियल देखने की जिद नहीं छोड़ी, जिसे अनसुना कर दिया गया। इस पर शशिरंजन तैश में आ गया और उसने सभी को पीटने की धमकी दी। परिवार के सदस्य सो गए, लेकिन शशिरंजन का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

बेरहम हत्या का तांडव
देर रात 1:50 बजे से 3:35 बजे के बीच, शशिरंजन ने अपने ही बेडरूम में सो रही दोनों बेटियों की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के लिए स्टील के चापड़ का इस्तेमाल किया गया।

सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल
पुलिस को इस पूरी वारदात का गवाह फ्लैट के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे मिले हैं। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह के अनुसार, आरोपी के फ्लैट में पत्नी के बेडरूम और बाथरूम को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर कैमरे लगे हैं। ड्राइंग रूम में लगे टीवी के नीचे मॉनिटर के जरिए इन फुटेज को देखा जा सकता है।

कार्टून सीरियल की जिद बनी वजह?
सीसीटीवी फुटेज और आरोपी के बयानों के अनुसार, जब शशिरंजन ने टीवी बंद करने को कहा, तो दोनों बच्चियों ने कार्टून सीरियल देखने की जिद की। शशिरंजन ने उन्हें मंगलवार को टॉकीज में फिल्म दिखाने का वादा किया, लेकिन बच्चियों की जिद जारी रही। इससे वह और भी ज्यादा गुस्से में आ गया।

मां और बेटे का सुरक्षित निकलना
बच्चों की जिद और पिता के बढ़ते गुस्से को देखकर मां रेशम, बेटे रुद्रव को लेकर अपने कमरे में चली गई। लेकिन दोनों बेटियां पिता के बेडरूम में ही सो गईं, जहां वे उसकी क्रूरता का शिकार हुईं। घटना के बाद, आरोपी शशिरंजन मिश्रा ने स्वयं पुलिस को सूचना दी और उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़ भी बरामद कर लिया है।

विरोध न कर सके इसलिए पहले सिद्धि को मारा
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि बेटी सिद्धि, रिद्धि की अपेक्षा ज्यादा स्वस्थ थी। आरोपी को डर था कि यदि वह रिद्धि को पहले मारेगा तो सिद्धि जग कर उसका विरोध कर करती या या शोर मचा कर पत्नी को जगा सकती थी। ऐसे में उसने पहले सिद्धि के पास बैठकर दोनों हाथों की ताकत से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद उसका गला काटा। फिर चुपचाप बिस्तर पर बैठ गया।

थोड़ी देर बाद रिद्धि वाशरूम जाने के लिए जगी, तो उसे साथ लेकर गया। बेटी को साथ ले जाते पत्नी रेशमा ने भी देखा था। बच्ची को लेकर जब वह वापस कमरे में आया तो भी पत्नी ने अंदर झांकने की कोशिश की, लेकिन लाइट बंद होने के कारण कुछ देख नहीं पाई। इसके बाद जब बेटी गहरी नींद में चली गई, तब उसकी भी हत्या कर दी। करीब 105 मिनट बाद दूसरी बेटी को मारा।

घटना से पांच दिन पहले खरीदा था चापड़
जांच में यह भी सामने आया है कि शशिरंजन ने घटना से करीब 5 दिन पहले ही चापड़ खरीदा था। यह तथ्य इस ओर इशारा करता है कि यह घटना अचानक हुई प्रतिक्रिया का परिणाम मात्र नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कोई गहरी मंशा हो सकती है।

सीसीटीवी फुटेज में सब कुछ कैद
सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को बच्चियों से कुछ देर बात करते और मोबाइल चलाते हुए देखा गया है। इसके बाद कमरे की लाइट बंद हो गई और फिर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।

बेटियों के हत्यारोपी पिता शशिरंजन ने दोहरे हत्याकांड को किसी आवेश में नहीं बल्कि सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि उसने हत्या का इरादा कुछ दिन पहले ही कर लिया था।

पांच दिन पहले 500 रुपये में मूलगंज से खरीदा था चापड़
करीब पांच दिन पहले उसने बिरहाना रोड दवा मार्केट से लौटते समय मूलगंज बाजार से 500 रुपये में चापड़ खरीदा था। उसके मंसूबों के बारे में पत्नी रेशमा को भनक तक न लग पाए इसके लिए चापड़ अपने बैग में छिपाकर कमरे में ले गया। फिर अलमारी में रख दिया था।

आरोपी के अनुसार, वह कई बार बेटियों की हत्या करने की साजिश कर चुका था लेकिन कभी हिम्मत दगा दे जाती तो कभी मौका चूक जाता। इसके बाद उसने रात में हत्या की योजना बनाई इसलिए खाना खाने के बाद जब बच्चियों ने टीवी देखने की जिद की तो उन्हें डांटा था।

पत्नी ने अगले दिन रविवार होने की बात कहते हुए थोड़ी देर देख लेने को कहा तो उसे गुस्सा आ गया। इसके बाद सभी को पीटने की धमकी दी। इससे डरकर सभी अपने-अपने कमरे में चले गए। इसके बाद वारदात की। हालांकि, घर पर हथौड़ा काफी पहले से ही था।

दो साल पहले पत्नी पर किया था चाकू से हमला
जुड़वां बेटियों की हत्या का आरोपी शशिरंजन अपनी पत्नी रेशमा की करीब दो साल पहले चाकू मारकर हत्या की कोशिश कर चुका है। रेशमा ने पुलिस को बताया कि शशिरंजन गुस्सैल और झगड़ालू, है। वह दो साल पहले उन पर दो बार चाकू से जानलेवा हमला कर चुका है। हालांकि, तब वह बाल-बाल बच गई थीं।

उन्होंने थाने में इसकी शिकायत भी की थी। रेशमा ने पुलिस को बताया कि उनके और पति के संबंध अच्छे नहीं हैं। दोनों का खानपान साथ है। वह उनके और बच्चों के खर्च उठाता था। इसके अलावा कई साल से दोनों के बेडरूम भी अलग हैं जिनमें वह बच्चों के साथ सोते थे।

बच्चियों को पिता से ज्यादा लगाव था तो वह उसी के पास सोती थीं। बेटा उनके पास कमरे में सोता है। वारदात के समय भी वह उनके ही पास था। रेशमा ने बताया कि दो साल पहले शशिरंजन शराब पीकर घर आया और गाली गलौज करने लगा। उन्होंने विरोध किया तो उन्हें पीटा।

पास पड़े चाकू से जानलेवा हमला किया। चाकू बाएं हाथ में लगा लेकिन उनकी जान बच गई। उस वक्त पुलिस के सामने गलती मानने पर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद एक साल पहले भी आरोपी ने एक बार और चाकू से हमला किया लेकिन तब उन्हें चोट नहीं आई थी।

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