यूपी में 11 की मौत: बचने के लिए चीखते रहे लपटों में घिरे कार सवार; धधकती आग के सामने बेबस हो गए बचाने आए लोग

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मिर्जापुर में ट्रेलर से टकराने के बाद बोलेरो में आग लग गई। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। दरअसल, ब्रेक फेल होने पर ट्रेलर ने स्विफ्ट कार में टक्कर मार दी, इसके बाद ट्रेलर ट्रक से भिड़ गया। इसी बीच पीछे से आई बोलेरो ट्रेलर से टकरा गई। बोलेरो सवार मुंडन करा कर मैहर से आ रहे थे। हादसे में नौ लोग तो जिंदा जल गए।

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में दर्दनाक हादसा हुआ। रीवा-मिर्जापुर हाईवे स्थित ड्रमंडगंज घाटी में बुधवार देर रात एक कार के ट्रेलर से टकराने के बाद 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें बोलेरो सवार नौ लोग जिंदा जल गए। इसी तरह स्विफ्ट कार पर सवार जय प्रकाश (26) की मौत हुई है।

जयप्रकाश सोनभद्र के परसिया दुबे रॉबर्ट्सगंज के रहने वाले थे। ट्रक के एक खलासी की मौत इलाज के दौरान अस्पताल हुई है। मिर्जापुर के डीएम पवन कुमार गंगवार ने हादसे में 11 लोगों के मरने की पुष्टि की है।

पुलिस के मुताबिक, जिगना थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी अरुण सिंह का परिवार नौ साल के बेटे शिव का मुंडन कराने बोलेरो से मैहर गया था। परिवार मैहर से मिर्जापुर लौट रहा था। बोलेरो में पंकज सिंह, बीना, वंदना, पीयूष, प्रियंका, कार्तिकय, सोनम सवार थे। विष्णु बोलेरो चला रहा था।

मध्य प्रदेश की तरफ से गिट्टी लादकर आ रहे ट्रेलर का ब्रेक बुधवार की रात अचानक फेल हो गया। इससे अनियंत्रित ट्रेलर ने वाराणसी नंबर की स्विफ्ट कार में टक्कर मारी और उसे रौंदते हुए एक ट्रक से जा भिड़ा। इस बीच रीवा की तरफ से आई बोलेरो पीछे से ट्रेलर से टकरा गई। इससे जोरदार धमाका हुआ और बोलेरो में आग लग गई।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो पिचक गई और उसमें सवार लोग फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली की बोलेरो सवार नौ लोग जिंदा जल गए। स्थानीय लोगों ने ड्रमंडगंज पुलिस को सूचना दी। डीएम और एसपी के साथ सीओ लालगंज अमर बहादुर भी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुट गई। घंटों की मशक्कत के बाद बोलेरो की आग पर काबू पाया गया।

मुंडन करा कर मैहर से आ रहे थे बोलेरो सवार, लपटों ने रोका राहत कार्य
जिगना थाना इलाके के रामपुर गांव निवासी अरुण सिंह का परिवार मुंडन के लिए मैहर गया था, लेकिन उन्हें क्या पता था रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही थी। सभी लोग मैहर से लौट रहे थे। अरुण के पुत्र शिव (9) का मुंडन करने के लिए परिवार के लोग बुधवार सुबह बोलेरो से मैहर गए थे।

मुंडन कार्यक्रम करने के बाद शाम को मैहर से घर लौट रहे थे। बोलेरो में शिवा, पंकज सिंह, बीना, बंदना, पीयूष, प्रियंका, कार्तिकेय, सोनम आदि सवार थे। बोलेरो विष्णु चला रहा था।

चारों वाहनों की हुई पहचान
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि हादसे के बाद चारों वाहनों की पहचान हो गई है। इसमें एक ट्रक बिहार का है। दूसरा ट्रक मध्य प्रदेश का है। कार सोनभद्र की है। बोलोरो मिर्जापुर की है। छानबीन की जा रही है। कुछ परिजनों से संपर्क हुआ है। उनसे बात करके मृतकों की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।

बुझाने का प्रयास किया पर आग भड़क गई
बोलेरो में आग लगने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीण विमलेश ने बताया कि आग लगने की घटना होने पर वह मौके पर पहुंचे। बोलेरो में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया पर आग की लपट इतनी तेज थी कि बचाना मुश्किल था। फायर बिग्रेड को सूचना दी गई पर समय से अग्निशमन विभाग की टीम नहीं पहुंची। प्रशासन भी लेट पहुंचा।

ड्रमंडगंज घाटी की रोड डिजाइन, विकास के नाम पर मौत का हाईवे
वाराणसी-रीवा फोरलेन विकास की उपलब्धि से अधिक असहज सवाल बन चुका है। ड्रमंडगंज घाटी का हिस्सा जहां सड़क की गड़बड़ डिजाइन ने इसे लगातार दुर्घटनाओं के केंद्र में खड़ा कर दिया है। यह स्थिति किसी एक दिन की चूक नहीं बल्कि लापरवाही, तकनीकी असावधानी और प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है।

सड़कें दूरी घटाने का साधन नहीं होती हैं बल्कि जीवन को सुरक्षित और सुगम बनाने का माध्यम भी होती हैं। जब सड़क का निर्माण ही जोखिम को जन्म देने लगे तब उस विकास की अवधारणा पर पुनर्विचार जरूरी हो जाता है। ड्रमंडगंज घाटी में तीखे मोड़, असंतुलित ढलान और अपर्याप्त संकेतक स्पष्ट करते हैं कि डिजाइन स्तर पर खामियां हैं। जिन्हें समय रहते सुधारा जाना चाहिए था।

दुर्भाग्य यह है कि चार साल बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी है। इस मार्ग की महत्ता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रतिदिन कोलकाता, सिलीगुड़ी, बिहार, नागपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों मालवाहक वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं। यह केवल क्षेत्रीय संपर्क मार्ग नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर के परिवहन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में सुरक्षा मानकों में कमी सीधे-सीधे मानव जीवन के साथ समझौता है।

पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि सभी वाहन आपस में टकरा गए। इससे बोलेरो में आग लग गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाई। बोलेरो सवार लोग जले हैं।

मरने वाले सभी लोगों की पहचान अभी नहीं हुई है। गाड़ी नंबर के सहारे पहचान की कोशिश की जा रही है। राहत और बचाव कार्य जारी है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना है। हर संभव मदद की जाएगी।

मिर्जापुर में हुए हादसे में हुई मौतों पर पीएम ने दुख जताया; मुआवजे का एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में कई गाड़ियों की टक्कर में हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया, और मारे गए हर व्यक्ति के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये का मुआवजा देने का एलान किया। बुधवार रात जिले में एक ट्रक के ब्रेक फेल होने की आशंका के चलते हुई इस टक्कर में बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई।

मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में हुई दुर्घटना में लोगों की जान जाने से गहरा दुख हुआ है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दुर्घटना में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

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