एमपी के भिंड में दर्दनाक हादसा: यूपी के लखीमपुर लौटते वक्त पिकअप डंपर से टकराई, आठ मजदूरों की मौत और 25 घायल

Lakhimpur
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भिंड-ग्वालियर रोड पर छीमका गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को गोहद अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को ग्वालियर रेफर किया गया।

भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गोहद के छीमका गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे डंपर से टकरा गई। पिकअप में ग्वालियर क्षेत्र से धान की रोपाई का काम पूरा कर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी लौट रहे मजदूर सवार थे। हादसे में आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

मवेशियों को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा
हादसा सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब एक बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, पिकअप की रफ्तार करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है। छीमका गांव के पास हाईवे पर कुछ गायें सड़क पर बैठी थीं। अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के प्रयास में पिकअप चालक ने वाहन मोड़ दिया और सामने से आ रहे डंपर से जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन में सवार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। गोहद चौराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

धान की रोपाई के बाद लखीमपुर लौट रहे थे मजदूर
बताया जा रहा है कि सभी मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम करने आए थे। काम पूरा होने के बाद वे पिकअप से अपने गांव लखीमपुर खीरी लौट रहे थे। लेकिन रात के सफर में छीमका गांव के पास उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के मुताबिक, हादसे में 8 मजदूरों की मौत हुई है, जबकि 25 लोग घायल हैं। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं और मृतकों एवं घायलों की पहचान की जा रही है।

सड़क पर बैठी गायों को बचाने के प्रयास को हादसे की वजह
शुरुआती जांच में सड़क पर बैठी गायों को बचाने की कोशिश को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मवेशी आने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।हादसे के बाद कुछ समय तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। फिलहाल पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान और दुर्घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

कागजों में सिमटा फोरलेन
एनएच-719 को फोरलेन बनाने की मांग को लेकर दंदरौआ धाम के संत समाज से लेकर स्थानीय युवाओं ने कई बड़े आंदोलन, चक्काजाम और ज्ञापन सौंपे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और NHAI की बैठकों में फोरलेन को मंजूरी देने और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के बड़े-बड़े दावे तो किए गए, लेकिन धरातल पर आज तक काम शुरू नहीं हो सका। नतीजतन, बिना डिवाइडर वाले इस खूनी हाईवे पर हर दिन मुसाफिर अपनी हथेली पर जान रखकर सफर करने को मजबूर हैं।

टू-लेन है भिंड से ग्वालियर-इटावा को जोड़ने वाला हाईवे
भिंड से ग्वालियर और उत्तर प्रदेश के इटावा को जोड़ने वाला 117 किलोमीटर का यह हाईवे आज भी मात्र टू-लेन है। बिना डिवाइडर वाली इस पतली सड़क पर दिन-रात भारी डंपरों और बालू-रेत के ओवरलोड वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है।

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