
झांसी में बीए एलएलबी छात्र की हत्या के मामले में पुलिस ने सिपाही समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ड्रग्स के नाम पर वसूली के लिए छात्र परवेज की कार में अपहरण के बाद पीट-पीटकर हत्या की गई थी।झांसी में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से बीए एलएलबी (अंतिम वर्ष) के छात्र परवेज अली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। रविवार रात अपने दोस्त से मिलने के लिए घर से निकला था।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र परवेज अली की हत्या के मामले का पुलिस ने वारदात के पांच दिन बाद शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, ड्रग्स तस्करी से जुड़ी रकम की वसूली के लिए परवेज को अगवा किया गया और उसके साथ मारपीट की गई।
गंभीर हालत में आरोपी उसे नगरा हाट मैदान में छोड़कर फरार हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में प्रेमनगर थाने के सिपाही आशीष सिंह समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी आशीष को निलंबित कर दिया गया है।
एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि रविवार रात परवेज घायल अवस्था में नगरा हाट मैदान में मिला था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उसके शरीर पर चोटों के निशान मिले थे। जांघ पर दांत से काटने का निशान भी मिला था। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
150 से ज्यादा कैमरों की फुटेज और कॉल डिटेल खंगाली
पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए चार दिन तक अलग-अलग स्तर पर जांच की। इस दौरान सुकुवां-ढुकवां से नगरा हाट तक 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले गए। जांच के आधार पर पुलिस ने बड़ाबाजार घास मंडी निवासी प्रियांशु उर्फ प्रयांश, जुगियाना निवासी जय श्रीवास्तव उर्फ अमन, साहिल मिश्रा, शनि नामदेव, बंगला घाट गोपाल की बगिया निवासी भूपेंद्र वंशकार, लक्ष्मीपुर कॉलोनी निवासी यश शिवहरे उर्फ बिट्टू और तलैया मोहल्ला निवासी अर्शिल खान को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल तीन कार और सात मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
सिपाही तक ऐसे पहुंची पुलिस
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने प्रेमनगर थाने में तैनात सिपाही आशीष सिंह का नाम भी बताया। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। आशीष सिंह मूल रूप से बांदा के तिंदवारी रोड का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को जानकारी थी कि परवेज ड्रग्स तस्करी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इसी आधार पर उससे रकम वसूलने की साजिश रची गई थी। पुलिस के अनुसार, सिपाही आशीष सिंह भी इस साजिश में शामिल था। सिपाही आशीष सिंह घटना के समय आरोपियों के साथ मौजूद था ।
सैंपल लेने के बहाने बुलाया, कार में बैठाकर ले गए
पुलिस के अनुसार, परवेज आरोपियों को पहले से जानता था। साहिल ने उसे ड्रग्स के सैंपल लेने के बहाने बुलाया। इसके बाद सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के बाहर से उसे लाल रंग की कार में बैठा लिया गया।
पीछे चल रही दोनों कारों में अन्य आरोपी बैठे थे। पुलिस का कहना है कि उस समय परवेज नशे में था। कुछ देर बाद उसे शक हो गया और उसने कार में शोर मचाते हुए विरोध किया। आरोपियों ने उसे काबू करने के लिए मारपीट की। हालत बिगड़ने पर उसे नगरा हाट मैदान में छोड़कर आरोपी वहां से भाग गए।
तीन वांछित अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर
पुलिस ने इस मामले में सिपाही समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन अन्य वांछित अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।
डिटिजल सुबूत जुटा रही पुलिस
छानबीन में जुटी पुलिस टीम डिटिजल सुबूत भी जमा कर रही है। आरोपी साहिल मिश्रा के फोन समेत अन्य आरोपियों के फोन भी पुलिस ने कब्जे में लेकर छानबीन की। इसमें साहिल के फोन से परवेज को किए गए पांच हजार रुपये के सुबूत भी मिले। सीसीटीवी फुटेज में भी परवेज साहिल की कार में सवार होता नजर आया है। प्रयांश सोनी भी ड्रग्स का कारोबार करता है। पुलिस पहले भी कई मामले दर्ज करके उसे जेल भेज चुकी। पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि भी तलाशने में जुटी है।
आखिरी वीडियो भी तलाश रही पुलिस
परवेज को कार में ले जाने के बाद उसमें सवार युवक उसका वीडियो भी बना रहे थे। छानबीन में मालूम चला कि युवकों ने करीब दो-ढाई मिनट लंबा वीडियो भी बना लिया था। इस वीडियो को बनाने को लेकर ही परवेज ने एतराज जताया था, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। यह वीडियो मोबाइल से डिलीट कर दिया गया लेकिन, पुलिस ने सभी आरोपियों से उनके मोबाइल भी बरामद कर लिए। ऐसे में अब पुलिस उस वीडियो को भी रिकवर करने की कोशिश में है, कोर्ट में भी यह अहम साबित होगा।
खाकी पर दाग: डकैती से लेकर हत्या तक
पिछले तीन महीने में सात पुलिसकर्मी आपराधिक मामलों में घिर चुके हैं। इससे पुलिस की छवि दागदार हुई है।
जुलाई में कारोबारी के मुंशी से 24.90 लाख रुपये की डकैती हुई। उरई पुलिस लाइन के सिपाही राघवेंद्र राजपूत, मनोज और नरेंद्र इसमें गिरफ्तार हुए। उन्होंने सुपारी लेकर यह वारदात की थी।
मई में ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े सिपाही रजत कुमार सिंह बर्खास्त कर जेल भेजे गए।
जुलाई में बड़ागांव गेट चौकी प्रभारी ओमकार और सिपाही शशांक 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए। उन पर प्राथमिकी से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था।
सितंबर में परवेज अली की हत्या के खुलासे में सिपाही आशीष सिंह गिरफ्तार हुए। आशीष को परवेज के ड्रग्स कारोबार की जानकारी थी। उसने ही वसूली की साजिश रची थी।
यह था पूरा मामला
झांसी के थाना प्रेमनगर के नहर रोड स्थित विजय नगर मोहल्ला निवासी एवं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से बीए एलएलबी (अंतिम वर्ष) के छात्र परवेज अली (21) पुत्र एहसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार रात अपने दोस्त से मिलने के लिए घर से निकला था। आधी रात के बाद घायल अवस्था में वह नगरा हाट मैदान के पास पड़ा मिला। उसके सिर एवं सीने में चोट के निशान मिले। पुलिस उसे लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंची, यहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिवार के लोग भी पहुंच गए।
