
कानपुर
कमलेश के खिलाफ 20 दिनों में छह केस दर्ज किए गए हैं। इसके पहले भी पांच मामले दर्ज हैं। कुल मिलाकर 11 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन 11 मुकदमों में छह में शामिल शातिरों की गिरफ्तारी की तैयारी पुलिस कर रही है। वहीं पुराने पांच मामलों में भी दोबारा विवेचना करा सकती है।
कानपुर में कमलेश फाइटर के गुरु संजय पाल उर्फ द्ददा के जेल जाने के बाद उसके साले ने वीडियो बनाने की जिम्मेदारी संभाल रखी थी। उसकी मदद से ही कमलेश ने बांदा और ओरछा में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। एडिशनल डीसीपी सेंट्रल महेश कुमार ने बताया कि लोगों को धमकाकर वसूली करने के छह केस दर्ज होने के बाद कमलेश व उसके साथी भूमिगत हो गए थे।
पूछताछ में कमलेश ने बताया कि गिरफ्तारी के डर से वह इधर से उधर दौड़ता रहा। दबाव बनाने के लिए बांदा और ओरछा में पुलिस के खिलाफ वीडियो बनाया। इसके बाद उसके अपने गुरु संजय पाल और साले सूरज की मदद से सोशल मीडिया व यू ट्यूब चैनल पर वायरल कर दिया था।
गैंग में 25 से 30 लोग हैं शमिल, आईजीआरएस के जरिये करता था शिकायत
आरोपी कमलेश ने बताया कि उसके गिरोह में 25-30 लोग हैं। ये लोग शहर में घूम-घूमकर पता करते थे कि कहां-कहां मकान बन रहे हैं। इसके बाद मकान बनवाने वालों को केडीए से कार्रवाई करवाने व खबर लिखे जाने की धमकी देते थे। इसके अलावा अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंगों की आरटीआई और आईजीआरएस के जरिये केडीए में शिकायत करता था। धमकी देने पर लोग फंस जाते थे और रुपये दे देते थे। डीसीपी ने इस बात की पुष्टि करते हुए उसके खिलाफ गैंगस्टर की धारा भी बढ़ाई है।
कमलेश के गैंग में ये शातिर अपराधी भी शामिल
कमलेश के गैंग में शानू लफ्फाज, मोहम्मद रियाज, मुशीर, राजा त्रिपाठी, संजय पाल और सूरज शामिल हैं। शानू शातिर किस्म का अपराधी है। वहीं संजय पाल व रियाज रिजवी पहले ही जेल जा चुके हैं। फरार साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस को उसके बैैंक खाते से एक से डेढ़ लाख रुपये मिले हैं।
रियाज के मोबाइल से मिले केडीए के बाबुओं के नंबर
एडीसीपी के अनुसार पुलिस संरक्षण देने वालों का भी पता लगाने में जुटी हुई है। पुलिस की टीम कमलेश फाइटर की बैंक डिटेल और मोबाइल की सीडीआर निकलवा रही है। ताकि संरक्षण और रुपयों का लेनदेने करने वालों का पता चल सके। पुलिस को जेल भेजे गए कमलेश के साथी रियाज रिजवी के मोबाइल से केडीए के कुछ बाबुओं के नाम भी मिले हैं। पुलिस जांच कर रही है।
कमलेश ने पुलिस से बताई आपबीती
कमलेश ने बताया कि छह साल पहले वह मजदूरी करते था। उसकी पत्नी लोगों के घरों में चौका बर्तन करती थी। उसकी दो बेटियां और एक बेटा है, जो बीमार रहता है। उसके ऊपर लगातार मुकदमे दर्ज हो रहे थे। मुकदमों से बचने के लिए उसके संजय पाल उर्फ दद्दा की मदद से यू-ट्यूब और एक अखबार में काम करने लगा था।
मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचा था कमलेश
फरारी के दौरान कमलेश लखनऊ में एक मिलने वालों के पास पहुंचा और मुख्यमंत्री से मिलवाने की बात कही। इस पर उसने कहा कि मुख्यमंत्री वांछित अपराधियों से नहीं मिलते हैं। वहां से निराश होकर कमलेश जब लौट रहा था, तो उसे बांदा से गिरफ्तार कर लिया गया। चर्चा है कि कमलेश को शनिवार को ही उन्नाव से गिरफ्तार कर लिया गया था।
पांच पुराने मामलों की भी खुल सकती है फाइल
कमलेश के खिलाफ 20 दिनों में छह केस दर्ज किए गए हैं। इसके पहले भी पांच मामले दर्ज हैं। कुल मिलाकर 11 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन 11 मुकदमों में छह में शामिल शातिरों की गिरफ्तारी की तैयारी पुलिस कर रही है। वहीं पुराने पांच मामलों में भी दोबारा विवेचना करा सकती है।
