यूपी में चलती कार में हत्या: बेटे के जन्मदिन से पहले चित्रकूट दर्शन करने निकला था परिवार, पड़ोसी ने बरपाया कहर

Murder in a moving car in UP
Murder in a moving car in UP
Murder in a moving car in UP

उत्तर प्रदेश में कानपुर के गुजैनी निवासी एक परिवार के सदस्यों को चित्रकूट दर्शन का झांसा देकर ले जा रहे पड़ोसी किरायेदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर चलती कार में जान से मारने का प्रयास किया। आरोपियों ने महिला की हत्याकर शव को राठ-उरई मार्ग पर बनी पुलिया के पास छिपा दिया।

वहीं, घटना के दौरान पति ने गाड़ी से कूदने के बाद झाड़ियों में छिपकर जान बचाई। वहीं, बेटे को मरणासन्न समझकर आरोपियों ने सड़क किनारे फेंक दिया और ढाई वर्ष की मासूम को जालौन जिले की सीमा पर छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने कार बरामद कर चालक को हिरासत में लिया है।

पुलिस ने पहले पति की तहरीर पर परिवार के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। वहीं, महिला का शव मिलने पर हत्या की धारा बढ़ाकर जांच शुरू कर दी। घटना का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका। जनपद कानपुर के थाना चौबेपुर के मदारीपुर गांव निवासी सूरज यादव परिवार सहित शहर के गुजैनी में किराये पर रहता है।
वह बगल के कमरे में किराये पर रहने वाले त्रिभुवन उर्फ चाचा नाम के व्यक्ति के झांसे में आकर उसके साथ कार से चित्रकूट दर्शन के लिए तैयार हो गया। इसके बाद 21 सितंबर को किराये की कार से अपनी पत्नी अमन यादव (35), बेटा शिव उर्फ रामजी (10) और बेटी परी (ढाई साल) के अलावा कानपुर क्षेत्र आउटर निवासी त्रिभुवन व उसके साथी वीर सिंह के साथ निकले।

कार संजीव कुमार चला रहा था। जनपद जालौन के जोल्हूपुर से त्रिभुवन ने एक व्यक्ति को और बैठा लिया, जिसे वह फूफा कहकर बुला रहा था। जैसे ही कार शनिवार रात करीब 12 बजे जनपद के जरिया थाना क्षेत्र में पहुंची। उसमें पीछे की सीट पर बैठे त्रिभुवन और फूफा पति-पत्नी को मारने के लिए उनका अंगोछे से गला कसने लगे। तभी सूरज चलती कार में खिड़की में पैर मार कर कूद गया और झाड़ियों में छिप गया।
आरोपियों ने कार खड़ी कर उसकी कुछ देर तलाश की और फिर आगे निकल गए। गोहांड कस्बा स्थित सीएचसी से करीब 100 मीटर दूर राठ-उरई मार्ग पर उन्होंने महिला की बेल्ट से गला कसकर हत्या करने के बाद शव कार से नीचे फेंक दिया। फिर महिला के सिर और चेहरे को हथौड़ी से कूचकर शव को पुलिया के नीचे छिपा दिया। इसके बाद ऊपर से झाड़ियां डालकर ढंक दिया।

कुछ दूर चलने के बाद उन्होंने सूरज के बेटे रामजी का गला कसा और उसे मरा समझ सड़क किनारे गड्ढे में फेंक दिया और बेटी परी को जालौन जनपद की सीमा में छोड़कर भाग निकले। जान बचाकर छिपे सूरज ने रविवार सुबह जरिया थाने पहुंच चार लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
वहीं, होश में आया शिव उर्फ रामजी ने निकट के एक मंदिर में पहुंचा। वहां के पुजारी को घटना की जानकारी दी, जिस पर पुजारी ने यूपी 112 पुलिस को सूचना दी। सूचना पर जरिया पुलिस सूरज के साथ रामजी के पास पहुंची।

जालौन जनपद सीमा पर छोड़ी गई मासूम को वहां की पुलिस ने अपने साथ ले लिया। जांच में जुटी पुलिस ने ट्रैस कर कार बरामद कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। उसकी जानकारी पर पुलिस ने महिला का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बेटे के जन्मदिन से पहले चित्रकूट दर्शन करने निकला था परिवार
बेटे रामजी का चार अक्तूबर को जन्मदिन है। इसी वजह से परिवार चित्रकूट दर्शन करने जा रहा था। परिवार पहले भी एक बार आरोपी त्रिभुवन के साथ चित्रकूट जा चुका था। उन्हें क्या पता था कि त्रिभुवन के मन में कुछ ऐसा चल रहा है। गोविंदनगर निवासी अरविंद पांडेय के गुजैनी स्थित दो मंजिला मकान में पीड़ित व तीन अन्य परिवार रहते हैं।

आरोपी त्रिभुवन अकेला रहता है। मकान के निचले तल पर बने सबसे बाहरी कमरे को आरोपी त्रिभुवन ने तीन माह पहले किराये पर लिया था। अंदर वाले कमरे में सूरज यादव अपनी पत्नी के साथ रहता था। ऊपरी मंजिल पर प्रशांत, पत्नी सोनम और दो बच्चों के साथ रहते हैं। पड़ोसन पूजा ने बताया कि बेटे के जन्मदिन की वजह से परिवार चित्रकूट दर्शन करने गया था।
गुरुवार शाम सात बजे घर से निकला था परिवार
पूजा ने बताया कि अमन ने सुबह ही बता दिया था कि शाम को परिवार सहित चित्रकूट जा रही है। करीब सात बजे उसका परिवार घर से निकला। सभी को किराये की कार से जाना था। कार घर से थोड़ी दूर मयंक चौराहे पर खड़ी थी।

जाते समय उसने घर का ध्यान रखने और सोमवार को लौटकर आने की बात कही थी। कुछ मकान दूर रहने वाली पड़ोसन रजनी ने बताया कि भले ही त्रिभुवन तीन माह से पड़ोस में रह रहा हो, लेकिन उसे एक-दो बार ही देखा है। पीड़ित परिवार से उसकी घनिष्ठता थी।
जानिए कैसे…एक परिवार पर पड़ोसी ने बरपाया कहर
अमन यादव (पत्नी)- कार में बैठे हमलावरों ने पहले बेल्ट से अमन की गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर रिंच से चेहरा कूंच दिया।
सूरज यादव (पति)- हत्यारों ने सूरज का भी गला कसकर मारने का प्रयास किया, लेकिन वह कार की खिड़की में पैर मारकर कूद गए।
रामजी (बेटा)- दंपती के बेटे रामजी की भी हत्या की कोशिश की गई। उसे मरा समझकर फेंक दिया था, लेकिन वह बच गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी को टीमें लगाई गईं है। महिला के शव का पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अपहरण का मुकदमा रविवार को दर्ज कर लिया गया था। अब हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। टैक्सी कार कानपुर देहात निवासी दिनेश के नाम दर्ज है।

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