UP: ‘बीवी कई बार करतीं कॉल, बेटी पुराने वीडियो से करती बात, रूस जा रहे जहाज के चीफ ऑफिसर की ड्रोन हमले में मौत

UP
UP
UP

तुर्किये से रूस जा रहे मालवाहक जहाज पर काला सागर में ड्रोन हमला हुआ। 18 जुलाई को हुए हमले में कानपुर के रहने वाले चीफ ऑफिसर की मौत हो गई। शास्त्री नगर निवासी परिजनों को शव आने का इंतजार है। हालांकि पत्नी को उनकी मौत पर विश्वास नहीं हो रहा है। बेटी को उम्मीद है कि पापा आएंगे और बार्बी ड्रेस लाएंगे।

तुर्किये से रूस जा रहे मालवाहक जहाज एमवी ओमोर्फी पर ड्रोन हमले में कानपुर के शास्त्री नगर निवासी चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता (30) की मौत हो गई। यह हमला बीती 18 जुलाई को काला सागर में हुआ। बताया जा रहा है कि हमला यूक्रेन की ओर से किया गया था। परिजन 10 दिन से सागर का शव घर आने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अब तक उन्हें कहीं से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।

सागर के बड़े भाई मनीष ने मंगलवार को बताया कि उनके छोटे भाई मर्चेंट नेवी में थे। वह 14 जून को घर से निकले थे। 17 जून को वह तुर्किये से रूस जाने के लिए अपने मालवाहक जहाज पर सवार हुए थे। यात्रा के दौरान बीच-बीच में सागर की परिवार से बात होती रही, लेकिन 18 जुलाई के बाद उनका फोन नहीं आया।

22 जुलाई को सागर के साथी क्रू मेंबर का फोन आया तो पता लगा कि उनके छोटे भाई अब दुनिया में नहीं रहे। मनीष ने कहा कि पुलिस-प्रशासन से फिलहाल कोई मदद नहीं मिली है। जनप्रतिनिधि भी सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं। डीजी शिपिंग कार्यालय से सागर का पासपोर्ट नंबर मांगा गया है।

वही नंबर तलाशने के लिए वह लोग भाग दौड़ कर रहे हैं। उधर, देर शाम जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और एडिशनल सीपी डॉ. विपिन ताडा ने शास्त्री नगर स्थित सागर के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की। अफसरों ने सागर के परिजनों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

पत्नी कई बार करतीं कॉल, बेटी पुराने वीडियो से कर रही बात
कानपुर के मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता को दुनिया छोड़े भले ही 10 दिन हो गए हैं, लेकिन उनकी पत्नी शालू का दिल इस पर विश्वास ही नहीं कर रहा है। वह दिन में कई बार सागर का मोबाइल इस उम्मीद से मिलाती हैं कि सामने से बोलो शालू…की आवाज आएगी। यही हाल उनकी पांच साल की बेटी गौरी का है।

वह पापा के पुराने वीडियो देखकर कहती रहती है कि पापा इस बार आप मेरे लिए बार्बी ड्रेस नहीं लाए तो मैं आपसे बात नहीं करूंगी। बीते 10 दिनों से मां-बेटी का हाल देख परिवार के बाकी सदस्यों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सागर की शादी छह साल पहले हुई थी। उनकी एक बेटी गौरी और आठ माह का बेटा कृष्णा है।

शालू ने बताया कि आखिरी बार 17 जुलाई को सागर का फोन आया था। लाइन क्लियर नहीं थी तो उन्होंने कहा था बाद में बात करूंगा। शालू के भाई शोभित ने बताया कि जीजा के एक साथी ने मॉरच्युरी में रखे शव की फोटो दिखाई थी, लेकिन दीदी का भरोसा तोड़ने की हिम्मत नहीं हुई। इसलिए न तो उन्हें वह फोटो दिखाई और न ही उसके बारे में कुछ भी बताया है।

15 अगस्त पर जन्मदिन जरूर मनाते थे
शालू ने बताया कि उन लोगों ने कभी शादी की सालगिरह साथ नहीं मनाई। सागर अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते थे। उनका जन्मदिन स्वतंत्रा दिवस वाले दिन पड़ता था। इसलिए वह कहीं भी रहें वीडियो कॉल कर हम सबके साथ हाथों में तिरंगा लेकर केक जरूर काटते थे।

मां तकती रहती है बेटे की राह
सागर की मां रामा देवी को सुनाई नहीं देता है। इसलिए वह बोलती भी नहीं हैं। घरवालों ने उन्हें सिर्फ इशारों में ही बताया है कि सागर घायल हुए हैं। उन्हें लाने का प्रयास किया जा रहा है। रामा देवी बेटे की तस्वीर लिए अपनी बोलती आंखों से दरवाजे पर टकटकी लगाए सागर की राह तकती रहती हैं।

भाई को मिले शहादत का दर्जा
मंदिर के सामने फूल की दुकान करने वाले भाई मनीष का कहना है कि सागर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाले थे। उनकी सरकार से मांग है कि भाई का शव सम्मान के साथ लाया जाए और उसे शहादत का दर्जा देते हुए बहू को सरकारी नौकरी दी जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *