
हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिदिन ब्रेन स्ट्रोक और सांस लेने के 10 से 15 मरीज प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं। कई मामलों में ब्रेन स्ट्रोक मल्टी आर्गन फेल्योर की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार को एलएलआर अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 80 प्रतिशत मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक और सांस लेने की समस्या के लक्षण मिले। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को आइसीयू और वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है।
एलएलआर अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिदिन ब्रेन स्ट्रोक और सांस लेने के 10 से 15 मरीज प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं। कई मामलों में ब्रेन स्ट्रोक मल्टी आर्गन फेल्योर की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार को एलएलआर अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 80 प्रतिशत मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक और सांस लेने की समस्या के लक्षण मिले।
मुरारी लाल चेस्ट चिकित्सालय में विशेषज्ञों ने करीब 500 मरीजों को उपचारित किया। इसमें गंभीर लक्षण के साथ आए 10 मरीजों को भर्ती किया गया। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ प्रो. डा. एसके गौतम ने बताया कि सर्दी बढ़ने से उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
ओपीडी में ज्यादातर मामलों में रक्तचाप बढ़ने के कारण ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण के मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें प्रतिदिन 10 से 15 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों को आइसीयू और वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है। ऐसे मरीजों में मल्टी आर्गन फेल्योर के लक्षण दिख रहे हैं।
मुरारी लाल चेस्ट चिकित्सालय के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय वर्मा ने बताया कि ओपीडी में इन दिनों सांस लेने में समस्या के साथ अस्थमा और सीओपीडी के मरीज बढ गए हैं। मंगलवार को ओपीडी में करीब 500 मरीज इस प्रकार की समस्या लेकर पहुंचे थे। इसमें गंभीर लक्षण वाले 10 मरीज को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
