यूपी का बजट 2024-25: योगी सरकार ने पेश किया अबतक का सबसे बड़ा बजट

Cm Yogi Adityanath
Cm Yogi Adityanath

– प्रदेश के विकास के लिए खर्च होंगे ₹ 7,36,437.71 करोड़

– सीएम योगी की मौजूदगी में वित्तमंत्री ने यूपी विधानसभा में प्रस्तुत किया बजट

– बजट में 24,863.57 करोड़ की नई योजनाएं भी शामिल

– बजट में महिला, युवा, किसान और रोजगार सृजन पर सबसे अधिक फोकस

लखनऊ, 5 फरवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। सोमवार को विधानसभा में प्रस्तुत बजट प्रदेश के इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा बजट है। बजट का आकार 7 लाख 36 हजार 437 करोड 71 लाख रुपये (7,36,437.71 करोड़ रूपये) है। बजट में 24 हजार 863 करोड़ 57 लाख रुपये (24,863.57 करोड़ रूपये) की नई योजनाएं भी शामिल की गई हैं। प्रदेश सरकार के बजट में महिला, युवा, किसान और रोजगार सृजन पर सर्वाधिक जोर दिया गया है।

योगी सरकार के बजट में 6 लाख 6 हजार 802 करोड़ 40 लाख रुपये (6,06,802.40 करोड़ रुपये) की राजस्व प्राप्तियां तथा 1 लाख 14 हजार 531 करोड़ 42 लाख रुपये (1,14,531.42 करोड़ रुपये) की पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। इसके अलावा राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का अंश 4 लाख 88 हजार 902 करोड़ 84 लाख रुपये (4,88,902.84 करोड़ रुपये) है। इसमें स्वयं का कर राजस्व 2 लाख 70 हजार 86 करोड रुपये (2,70,086 करोड़ रुपये) तथा केन्द्रीय करों में राज्य का अंश 2 लाख 18 हजार 816 करोड़ 84 लाख रुपये (2.18,816.84 करोड़ रुपये) शामिल है।

यूपी के इस वित्तीय वर्ष के बजट में 5 लाख 32 हजार 655 करोड़ 33 लाख रुपये (5.32,655.33 करोड़ रुपये) राजस्व लेखे का व्यय है, जबकि 2 लाख 3 हजार 782 करोड़ 38 लाख रूपये (2.03.782.38 करोड़ रुपये) पूंजी लेखे का व्यय है। वहीं समेकित निधि की प्राप्तियों से कुल व्यय घटाने के बाद 15 हजार 103 करोड़ 89 लाख रुपये (15,103.89 करोड़ रुपये) का घाटा अनुमानित है।

इसके अलावा लोक लेखा से 5 हजार 500 करोड़ रुपये (5,500 करोड़ रुपये) की शुद्ध प्राप्तियां भी अनुमानित हैं। साथ ही समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम 9 हजार 603 करोड 89 लाख रुपये (9.603.89 करोड़ रुपये) ऋणात्मक अनुमानित है। प्रारम्भिक शेष 38 हजार 189 करोड़ 66 लाख रुपये (38,189.66 करोड़ रुपये) को हिसाब में लेते हुये अन्तिम शेष 28 हजार 585 करोड़ 77 लाख रुपये (28,585.77 करोड़ रुपये) अनुमानित है। बजट में राजस्य बचत 74 हजार 147 करोड़ 07 लाख रुपये (74.147.07 करोड़ रुपये) अनुमानित है। राजकोषीय घाटा 86 हजार 530 करोड़ 51 लाख रुपये (86,530.51 करोड़ रुपये) अनुमानित है, जो वर्ष के लिये अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 3.46 प्रतिशत है।

वित्तीय वर्ष 2024-2025 के बजट अनुमानों पर माननीय वित्त मंत्री जी का बजट भाषण

माननीय अध्यक्ष महोदय,
● यदि हम किसी समाज-संस्कृति में उच्चतम आदर्शों की कल्पना करें तो रामराज्य की संकल्पना के बाहर नहीं जाया जा सकता है।

● समाज में परस्पर सहयोग एवं विश्वास, न्याय आधारित सुशासन, अपराध शून्यता तथा वर्गभेद का पूर्ण अभाव, धर्मानुकूल आचरण को रामराज्य की प्रमुख विशेषताओं के रूप में निरूपित किया जा सकता है।

● मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का जीवन हजारों वर्षों से भारत और विश्व को महत्तर जीवन आदर्शों की ओर अग्रसर होने को प्रेरित करता रहा है।

● पिता के वचन का मान रखने के लिये समस्त राजसी वैभव को निःसंकोच त्याग कर वनवास के लिये प्रस्थान करना और दुष्टों और अधर्मियों का दृढ़तापूर्वक दलन करना ऐसे राजधर्म का अनुपम उदाहरण कहीं और नहीं मिलता।

● यदि यह कहा जाये कि आज हमारे प्रदेश का शासन कहीं न कहीं रामराज्य की अवधारणा से अनुपे्ररित है और सामाजिक-सांस्कृतिक, आर्थिक एवं आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर है तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी।

● मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी के भव्य मन्दिर का अयोध्या में निर्माण होने से हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र को बहुत प्रोत्साहन मिला है।

● अयोध्या विश्व का बहुत बड़ा पर्यटन केन्द्र बन गया है, यहां पर भारत और विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में बहुत बड़ा इजाफा हुआ है, जिससे हमारी आर्थिक स्थिति को बढ़ावा मिलेगा।

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