भाजपा नेता ने की हत्या!: ‘कमलेश ने ली मेरे पापा की जान… वो जिंदा न बचना चाहिए’; पिता की मौत पर भड़का बेटा

BJP leader committed murder
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कानपुर के चकेरी के श्यामनगर में कार खड़ी करने के विवाद में दबंग बिल्डर व भाजपा नेता के हमले में घायल युवक की बुधवार तड़के मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जमकर हंगामा किया। हालांकि बाद में पुलिस के समझाने पर वह मान गए। पुलिस ने जानलेवा हमले में दर्ज रिपोर्ट हत्या में तरमीम कर ली है। हमले के आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।
केडीए कालोनी रामपुरम निवासी गिरिजा देवी ने पड़ोसी बिल्डर कमलेश पासवान व उसके बेटे आकाश पासवान, विकास पासवान, रामलाल वर्मा, रामलाल के बेटे भाजपा के श्यामनगर मंडल उपाध्यक्ष चंदन सिंह रजावत व 4-5 अन्य के खिलाफ उनपर व बच्चों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था।
उनका कहना था कि घर के गेट पर ही गाड़ी खड़ी करने पर उनके बेटे सोनू पासवान (32) ने मना किया था तो कमलेश व अन्य ने पहले बेटों पर चापड़, लाठी-डंडों से हमला किया। फिर बचाने के लिए पहुंचने पर उन्हें और बेटी नेहा को भी पीटा।
इसके बाद से स्वरूपनगर स्थित एक निजी अस्पताल में वह वेंटिलेटर पर था। एसीपी चकेरी दिलीप कुमार ने बताया कि कमलेश और आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश में दबिश जारी है। साथ ही जानलेवा हमले की धारा को हत्या में तरमीम किया जा रहा है।
नाली के विवाद में तीन दिन पहले हुई थी मारपीटपरिजनों ने बताया कि दबंग पड़ोसी किसी न किसी बात पर विवाद करता रहता था। शुक्रवार को भी नाली को लेकर विवाद हुआ था।
नाली का विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने सोनू पर सरिया से हमला कर दिया था। उस मामले में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई बल्कि विवाद का श्यामनगर चौकी में समझौता हो गया। यहां आरोपियों ने माफी मांगी थी। हालांकि इसी के बाद से वह रंजिश मानने लगे थे।
बेटा बोला, कमलेश ने ली पापा की जान
पिता सोनू का शव देख बेटे समर का गुस्सा थामे नहीं थम रहा था। वह बोला कि कमलेश ने मेरे पापा की जान ली है। वह जिंदा नहीं बचना चाहिए। वह मेरी आंखों के सामने नहीं आना चाहिए। रूंधे गले से उसने सबसे पिता को न ले जाने की अपील की तो कोई भी अपने आंसू नहीं रोक सका।
चार भाइयों और सात बहनों में सबसे बड़ा था सोनू
परिजनों ने बताया कि परिवार जाजमऊ के गज्जूपुरवा में रहता था। दो दशक पहले कालोनी में आकर रहने लगा। वह सिलाई व मशीनों की रिपेयरिंग का काम करता था।
सोनू घर में सबसे बड़ा है उससे छोटे रिंकू, शिवा और राहुल है। वहीं सात बहनों में पूनम, नीलम, सोनम, आरती, पूजा ,नेहा और सलोनी हैं। इसमें पूनम और नीलम की शादी हो चुकी है। सोनू के पिता मेवालाल जाजमऊ में मजदूरी करते हैं।
शादी की चौदहवीं वर्षगांठ पर उठी अर्थी
28 मई 2006 को ही सोनू की शादी प्रतापगढ़ की रहने वाली रीता से हुई थी। शादी की चौदहवीं वर्षगांठ पर ही उसकी मौत हो गई।
सोनू की पत्नी रीता रोते हुए बोली कि आज ही के दिन मुझे विदा कराकर घर लाए थे और आज के दिन ही अपनी बरात लेकर चले गए।
रीता ने बताया कि शादी के चार साल बाद 31 मई 2010 को समर पैदा हुआ था। शादी की सालगिरह, फिर दो दिन बाद 31 मई को बेटे का जन्मदिन मनाने की तैयारी थी। इस दौरान सोनू की मां गिरिजा, बहन सलोनी, नेहा समेत करीबी रिश्तेदार बेहाल रहे।

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