
उत्तर प्रदेश
Kanpur News:- भाजपा के जिलाध्यक्ष उत्तर इकाई का रविवार को जन्मदिन था। उनके घर के बाहर ही केक काटा गया, जिसमें हत्या जैसे दो दर्जन मुकदमों के आरोपी भी शामिल हुए थे। सोशल मीडिया पर फोो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
कानपुर में भाजपा के जिलाध्यक्ष उत्तर इकाई दीपू पांडेय की शनिवार-रविवार की रात घर के बाहर मनाई गई जन्मदिन की पार्टी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस पार्टी में कार्यकर्ताओं व समर्थकों के अलावा शहर के कई नामी अपराधी भी शामिल हुए। हत्या व हत्या के प्रयास, नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में घिरे आरोपियों ने जिलाध्यक्ष को केक खिलाकर बधाई दी और सोशल मीडिया पर फोटो भी पोस्ट किए।
फोटो वायरल होने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दरअसल, कल्याणपुर निवासी बीजेपी जिलाध्यक्ष दीपू पांडेय का रविवार को जन्मदिन था। इसके चलते शनिवार रात 12 बजे ही उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता व समर्थक केक काटने पहुंच गए। जन्मदिन मनाने के बाद वहां मौजूद लोगों ने जब जश्न की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालनी शुरू की तो शहर के सियासी हलकों में खलबली मच गई।
ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उस जश्न के दौरान शहर के कई बड़े अपराधी भी जिलाध्यक्ष को केक खिलाते व बधाई देते हुए दिखे। इनमें अखिलेश ठाकुर, सूरज ठाकुर, ऋषि पटेल, सिद्दन पांडेय, जालिम सिंह और गौरव ठाकुर शामिल हैं। उन अपराधियों के खिलाफ शहर के विभिन्न थानाक्षेत्रों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। अकेले अखिलेश ठाकुर पर ही विभिन्न गंभीर धाराओं में शहर के विभिन्न थानों में 23 मुकदमे दर्ज हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अखिलेश पर 10 हजार रुपये का था इनाम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रावतपुर के आर्दशनगर निवासी अखिलेश ठाकुर शहर के टॉपटेन अपराधियों में शामिल है। मूलरूप से वाराणसी के बड़ागांव इशीपुर के रहने वाले अखिलेश पर एक समय 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। 17 दिसंबर 2023 को रावतपुर पुलिस ने उसे तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से छूटने के बाद वह बीजेपी नेताओं में अपनी पैठ बना कर कार्यक्रमों में शामिल होने लगा है।
जिलाध्यक्ष बोले- हमने कार्ड देकर नहीं बुलाया
मामले में जिलाध्यक्ष भाजपा उत्तर इकाई दीपू पांडेय ने कहा कि कार्ड बांटकर या किसी को आमंत्रण देकर नहीं बुलाया गया था। बड़ी संख्या में लोग खुद पहुंचे थे। भीड़ व सभाओं में बहुत से लोग मिलते हैं। ऐसे में उसमें कौन अपराधी है यह जान पाना मुश्किल है।
सोशल मीडिया पर वायरल फोटो-वीडियो संज्ञान में आए हैं। उनकी जांच की जा रही है। अपराधियों के बारे में पता लगाया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि वह कैसे वहां पहुंचे। -अभिषेक पांडेय, एसीपी कल्याणपुर
