
कोहना थाने के दरोगा और सिपाही ने अपराधी संग मिलकर छात्र से वसूली की। मामले में दरोगा व सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।
कानपुर में बीटीसी छात्र को चरस में जेल भेजने का डर दिखाकर कोहना थाने के एक दरोगा और सिपाही ने शातिर अपराधी की मदद से 1.5 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़ित छात्र ने सोमवार को सीपी से शिकायत की तो डीसीपी सेंट्रल ने प्रारंभिक जांच में मिले साक्ष्य के आधार पर दरोगा व सिपाही को निलंबित कर दिया।
साथ ही एसीपी कर्नलगंज को विस्तृत जांच के आदेश दे दिए। डिप्टी पड़ाव निवासी बीटीसी छात्र नितिन त्रिपाठी कोचिंग भी पढ़ाता है। बताया कि 23 जनवरी को कोचिंग पढ़ाकर लौट रहा था। तभी पड़ोसी वासु सोनकर ने स्कूटी मांगते हुए कुछ देर में आने की बात कही। इसके बाद वह आया और मोतीझील चलने की बात कही।
वह वासु के साथ वहां पहुंचा, तो वासु निजी काम की बात कहकर चला गया। आरोप है कि कार से कोहना थाने के रानीघाट चौकी इंचार्ज कपिल यादव और सिपाही राहुल वर्मा स्थानीय अपराधी वासु सोनकर के साथ आए। कार में जबरन बैठा लिया। स्कूटी में आधा किलो चरस मिलने की बात कहते हुए कोहना थाने ले गए।
नितिन का आरोप है कि 1.5 लाख रुपये लेकर उसे थाने से बिना लिखापढ़ी के छोड़ दिया। नितिन का कहना है कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार ने बताया कि एसीपी कर्नलगंज की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दरोगा व सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही एसीपी कर्नलगंज को विस्तृत जांच क आदेश दिए गए हैं।
कोहना थाने के जिस सिपाही राहुल वर्मा पर छात्र नितिन वर्मा ने आरोप लगाया है, उसका पिछले साल एक अक्तूबर को बेकनगंज थाने के लिए तबादला हो चुका है। उसने अपनी रवानगी नहीं कराई, बल्कि वह पुलिस लाइन चला गया। वहां से एक महीने बाद वापस कोहना थाने आ गया। घटना के बाद रविवार को उसकी बेकनगंज थाने के लिए रवानगी कर दी गई।
